श्री बरिगवांधाम बालाजी मंदिर

लखनऊ स्वयंभू विराजमान श्री हनुमान जी ( बाल्यरूप ) श्री बालाजी मंदिर बरिगवांधाम जो की अति प्राचीन मंदिर है स्वयं रुद्रावतार श्री हनुमान जी के द्वारा दर्शाये गए अभिलेखों के अनुसार इस स्थान को त्रेतायुग में भगवान् शिव ने स्वयं अपने अपने आराध्य श्री राम का सुमिरन करने के उद्देश्य से स्थापित किया था। जिसका विस्तृत वर्णन श्री बालाजी महात्म नामक पुराण में अंकित है।

Note : बड़े  मंगल  5, 12, 19, 26 मई, 02, 09, 16, 23 जून  2026.
उपरोक्त कर्यक्रमों में परिवर्तन संभव है।

श्री बरिगवांधाम बालाजी मंदिर

 आध्यात्मिक संस्थान पंच दिव्य प्रसाद

समस्त संकटो के निवारणार्थ श्री बरिगवांधाम बालाजी दरवार में प्रभु दर्शन एवं श्री सद्गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सुखमय बनाये।

श्री बालाजी की कृपा एवं श्री सद्गुरु जी की वर्षो की तपस्या एवं फल स्वरुप तैयार पंच दिव्य सामग्री को अपने जीवन का अंग बनाये एवं सदैव आनंदित रहें।

दरबार उत्सव

संकल्प दिवस गुरूवार 01/01/26 प्रातः 10 से 2:00 बजे तक
श्रीरामचरितमानस सोमवार 30/03/26 प्रातः 8:00 बजे प्रारंभ
शोभा यात्रा मंगलवार 31/03/26 दोपहर 2:00 बजे
जागरण बुधवार 01/04/26 रात्रि 9:00 बजे
भंडारा गुरूवार 02/04/26 प्रातः 11:30 से रात्रि 11:00 बजे
गुरुपूर्णिमा बुधवार 29/07/26 प्रातः 10 से 2:00 बजे तक
यात्रा मेहंदीपुर बालाजी, मंगलवार 17 अक्टूबर से 21 नवंबर तक

दिशा शूल से बचने के उपाए

आप जब भी बाहर यात्रा के लिए जाए तो कार्य सफलता के लिए दिशा शूल का विचार करके जाए ताकि आने वाली परेशानी से बचा जा सके।

  • किस दिन हमें कहा नहीं जाना चाहिए
    • सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा
    • रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा
    • मंगलवार और बुधवार को उत्तर दिशा
    • गुरुवार को दक्षिण दिशा
    • सोमवार और गुरुवार को (अग्नेय ) South East
    • रविवार  और शुक्रवार को ( नेतर अग्नेय  ) South West
    • मंगलवार को ( बांये ) North  West
    • बुधवार को शनिवार को ( ईशान ) North  East
    • उपरोक्त दी गयी गणनाये दिशा शूल है अर्थात इस दिन इन दिशाओ की  ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए।

यदि फिर भी किसी कारणवस आपातकालीन यात्रा करनी ही पड़ ही जाए और दिशा शूल भी हो। तो नीचे लिखे उपाय करके यात्रा कर सकते है।

  • रविवार को दलिया और घी खाकर।
  • सोमवार को दर्पण देखकर।
  • मंगलवार को गुड़ खाकर।
  • बुधवार को धनिया या तिल खाकर।
  • गुरुवार को दही खाकर।
  • शुक्रवार को जौं खाकर।
  • शनिवार को अदरक और उड़द खाकर।

ये उपाए करके दिशा शूल के प्रकोप से बचा जा सकता है।
और आप अपनी यात्रा को सुखद पूर्वक और मंगलमय बना सकते है।